post by aurangabadlive
औरंगाबाद- जम्होर मे स्वच्छता अभियान के तहत अपने संबोधन मामले मे जिलाअधिकारी का बचाव मे मोर्चा खोलते हुए तकनीकी छात्र संगठन के छात्रो ने रमेश चौक पर धरना प्रदर्शन किया। धरना के माध्यम से तकनीकी छात्र संगठन के प्रदेश प्रधान महासचिव व औरंगाबाद जिला प्रभारी अब्दुल्लाह राजा ने कहा कि पब्लिक मीटिंग मे शौचालय के महत्व जैसे टाॅपिक पे जिलाअधिकारी के भाषण मे एक आम नागरिक के द्वारा विरोध प्रदर्शन का साहस करना यह साबित करता है कि या तो उस व्यक्ति को ऐसा कहने के लिए उकसाया गया या फिर उसके मन में महिलाओं के लिए कोई सम्मान नहीं हैं।जिलाअधिकारी की सोच ओछी नहीं हैं, बल्कि उस व्यक्ति की सोच छोटी है जो भरि सभा मे बहन और माँ के लिए पैसे के अभाव मे शौचालय बनवाने मे असमर्थता व्यक्त करता है।पुऱषो को शायद इस बात का अहसास नही कि प्रतिदिन शैच के साथ महिलाओ को माह मे एक और भि कठिन दिनो से गुजरना पडता है,जिसके लिए दिन के रौशनि मे भि शौचालय आवश्यक हौ।जिलाअधिकारि के संस्कार ही ऐसे है,कि
उनके धर में महिलाओं का विशिष्ट सम्मान हैं, यही कारण था कि यदि घर में शौचालय नहीं बनवा सकते तो वीबी को भी मत रखो बस उनके शब्द अलग थे।आजकल बहुत घटना हो रही है कि शौचालय न होने पर आम दिनों अखबारों में घटना कीं खबरें प्रकाशित हो रही है।इस मामले पर तकनीकी छात्र संगठन के जिला प्रभारी तथा प्रदेश प्रधान महासचिव अब्दुल्ला राजा ने कहा कि उस घर मे शादी के लिए तैयार नही है।जिस व्यक्ति ने इसका विरोध किया है,यदि उस घर के महिलाओं को पता चल जाए , और उसमें जरा सा भी सम्मान हो तो ऐसे लोगों को घर मे घुसने नही देना चाहिए।उस व्यक्ति को अपने जिलाधिकारी से माफी मांगने चाहिए तभी उस माहौल में स्वच्छता कार्यक्रम सफल होगा|
इस कार्य
में उन लोगों को आगे आना होगा जो वास्तव मे औरंगाबाद का विकास चाहते है,पब्लिक का सहयोग
मिलेगा तभी कोई अधिकार कार्य कर पायेगा।कुछ लोग ऐसे होते है जो दूसरे का टांग खिचने
का कार्य करते हैं।ऐसे प्रविृति के लोग कहि अपना ही तो नही
नुकसान कर रहे है।इस धरना मे कुंदन कुमार
,राहुल विश्वकर्मा,शंकर कुमार, सौरव ,मो० फौजान,साजिद शौडी,निखिल,रंजन।जिला
प्रवक्ता तकनिकी छात्र संगठन शशि कुमार शशि,मनिष सिन्हा और तकनिकी छात्र संगठन के
तमाम छात्र मौजुद थे।


